देहरादून, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में नगर निगम, नगर निकायों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में जनपद में निराश्रित एवं पालतू पशुओं के प्रभावी प्रबंधन और पशु कल्याण सुनिश्चित करने को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।

पशु पंजीकरण एवं मॉनिटरिंग पोर्टल: प्रशासन द्वारा निराश्रित और पालतू पशुओं के व्यवस्थित रिकॉर्ड के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से पशुओं की संख्या और पंजीकरण की स्थिति पारदर्शी तरीके से ट्रैक हो सकेगी।डेरियों का विस्तृत सर्वेक्षण: नगर निगम और सभी निकाय क्षेत्रों में संचालित डेयरियों का सर्वे कराया जाएगा, जिसमें डेयरियों की संख्या, कुल पशु और पंजीकृत पशुओं का पूरा डेटा जुटाया जाएगा।

हेल्पलाइन 1962 पर लापरवाही पर कार्रवाई
पशु हेल्पलाइन नंबर पर उचित रिस्पॉन्स न मिलने और एम्बुलेंस न उपलब्ध होने की शिकायतों पर डीएम ने खुद फोन मिलाकर वास्तविकता परखी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित कर्मियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख मार्गों पर कैमरों से निगरानी
पशुओं के आवागमन पर नजर रखने के लिए शहर के प्रमुख प्रवेश और निकासी मार्गों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
गौशालाओं की नियमित निगरानी
गौशालाओं में चारे-पानी, साफ-सफाई और चिकित्सकीय उपचार की व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
श्वानों और बंदरों के प्रबंधन पर जोर
पालतू व निराश्रित श्वानों के पंजीकरण को प्रभावी बनाने तथा श्वान काटने की शिकायतों पर रैपिड रेस्क्यू टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बंदरों के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग के समन्वय से रेस्क्यू अभियान चलाने को कहा गया है।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. चंद, नगर निगम के डॉ. वी.के. अग्रवाल, डॉ. रोहित गहलोत सहित विभिन्न नगर निकायों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
