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: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर नजर आ रहा है। महिलाओं के प्रति हिंसा की घटनाओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान ने सखी वन स्टॉप सेंटर को और अधिक प्रभावी, सक्रिय और ‘एक्टिव मोड’ में संचालित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।​ समाधान दिवस के दौरान महिलाओं से संबंधित मिली शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि हिंसा से पीड़ित किसी भी महिला को सहायता मिलने में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए।​

सर्वे चौक स्थित सेंटर पर मिलेंगी सभी सेवाएं​

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि देहरादून में सर्वे चौक के निकट कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में चल रहे सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास (Rehabilitation) से जुड़ी सभी सेवाओं को पूरी मुस्तैदी से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के शोषण से प्रभावित महिलाओं को बिना किसी देरी के त्वरित सहायता दी जाए।​

एक ही छत के नीचे मिलती हैं ये 6 बड़ी सुविधाएं​

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि यह केंद्र संकट में फंसी महिलाओं के लिए एक बड़ा संबल है। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर निम्नलिखित सुविधाएं बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं:​

त्वरित रेस्क्यू सेवा (संकट की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकालना)

​अस्थायी आश्रय (Shelter) (रहने के लिए सुरक्षित स्थान)​निःशुल्क

चिकित्सा सुविधा (Medical Aid)

​तत्काल पुलिस सहायता (Police Assistance)​

विधिक सहायता (Legal Aid/कानूनी परामर्श)​मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श (Counseling)​

प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का लाभ उठाएं। प्रशासन का लक्ष्य हर पीड़ित महिला तक समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी मदद पहुंचाना है।

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